बैतूल। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय बैतूल के एमसीएच भवन में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने जानकारी दी कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह के तहत 11 अक्टूबर से 10 नवंबर 2025 तक जिले के सभी सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित शिविर आयोजित किए जाएंगे।
मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
डॉ. हुरमाड़े ने बताया कि इन शिविरों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की स्क्रीनिंग, उपचार, परामर्श के साथ ही मातृत्व मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त आत्महत्या रोकथाम के लिए गेट कीपर एवं मित्रमद्ध प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाएंगे।
शिविर में उपस्थित सभी पात्र व्यक्तियों के आभा कार्ड (ABHA ID) भी बनाए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच सुनिश्चित की जा सके।
विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. घोरे ने मानसिक विकारों, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व और समय पर परामर्श एवं उपचार लेने की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक चुनौतियों को समझना और समाज में इसके प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में रही विशेषज्ञों की उपस्थिति
कार्यक्रम में वरिष्ठ मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद मालवीय, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना धाकड़, साइकोलॉजिस्ट ममता सोने, मनोरोग नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती सुलोचना पवार, अर्चना नागले, उमंग स्वास्थ्य केंद्र बैतूल की काउंसलर शिल्पा वर्मा सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।




